
गाजा। फिलिस्तीन और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण 1,23,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों को गाजा पट्टी में अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह जानकारी मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने दी। ओसीएचए ने एक बयान में कहा कि रविवार रात 9 बजे तक, गाजा में 1,23,538 फिलिस्तीनी विस्थापित हो चुके थे। इजराइल में हवाई हमले किए, जिसमें सैनिकों समेत कम से कम 700 लोगों की मौत हो गई और करीब 2,000 लोग घायल हुए हैं। हमास के हमलों में अब तक 24 विदेशी नागरिकों की जान जाने की खबर है। इनमें नेपाल के 10 अमेरिका के 4 नागरिक भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि हमास ने इजरायल पर शनिवार सुबह गाजा पट्टी से एक अभूतपूर्व रॉकेट हमला किया। इजरायली सेना के अनुसार हमास ने इजरायल पर 5,000 रॉकेट दागे और हमास के दर्जनों लड़ाकों ने दक्षिणी इजरायल के सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ की। इजरायली सेना ने उसके बाद फिलिस्तीनी बलों से उन्हें फिर से जीतने के लिए दक्षिणी क्षेत्रों में अपने सैनिकों को भेजा और गाजा में हमास के ठिकानों पर हमला करना शुरू कर दिया। इजरायली सरकार ने रविवार को घोषणा किया कि उसने बुनियादी कानून के अनुच्छेद 40 को लागू किया है, जिसका मतलब है कि देश आधिकारिक रूप से युद्ध में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में दोनों पक्षों ने सैकड़ों मौत और हजारों घायल होने की रिपोर्टें हैं।
इजराइल-फिलिस्तीन के समर्थकों ने अमेरिका में जगह-जगह रैली निकाली
न्यूयॉर्क (अमेरिका)। इजराइल और फलस्तीन के समर्थकों ने रविवार को हमास के हमले को लेकर कई अमेरिकी शहरों में रैलियां आयोजित कीं। इस हमले में पश्चिम एशिया में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हो गए। न्यूयॉर्क शहर में ‘टाइम्स स्क्वायर’ पर फलस्तीनी समर्थकों के एक बड़े समूह की रैली के बाद संयुक्त राष्ट्र परिसर के पास प्रतिद्वंद्वी समूह के प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी झड़प हुई। फिलिस्तीनी अमेरिकियों ने अटलांटा और शिकागो में इजराइली वाणिज्य दूतावासों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इजराइल का समर्थन करने के लिए प्रतिनिधिसभा की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने सैन फ्रांसिस्को में एक पूजा स्थल पर यहूदी समुदाय की प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया।
अमेरिकी नेताओं के प्रदर्शन और भागीदारी से पता चलता है कि संघर्ष के दूरगामी प्रभाव होंगे, जिसने इजराइल की सहायता के लिए तैयार अमेरिका को पहले से ही पूर्वी भूमध्य सागर में नौसेना बलों को तैनात करने का आदेश देने के लिए प्रेरित किया है। डेमोक्रेटिक नेता एवं न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने शनिवार रात एक बयान में योजनाबद्ध फलस्तीन समर्थक रैली की निंदा की और इसे ‘‘घृणित एवं नैतिकता के विपरीत’’ बताया। न्यूयॉर्क में अन्य नेताओं ने भी इसी तरह के बयान जारी किए हैं। अटलांटा में 75 से अधिक लोगों ने रविवार दोपहर को इजराइली वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शन किया, हमास के समर्थन में नारे लगाए और इजराइल को अमेरिकी सहायता बंद करने का आह्वान किया।
। फिलिस्तीन और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण 1,23,000 से ज्यादा फिलिस्तीनियों को गाजा पट्टी में अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। यह जानकारी मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने दी। ओसीएचए ने एक बयान में कहा कि रविवार रात 9 बजे तक, गाजा में 1,23,538 फिलिस्तीनी विस्थापित हो चुके थे।
इजराइल में हवाई हमले किए, जिसमें सैनिकों समेत कम से कम 700 लोगों की मौत हो गई और करीब 2,000 लोग घायल हुए हैं। हमास के हमलों में अब तक 24 विदेशी नागरिकों की जान जाने की खबर है। इनमें नेपाल के 10 अमेरिका के 4 नागरिक भी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि हमास ने इजरायल पर शनिवार सुबह गाजा पट्टी से एक अभूतपूर्व रॉकेट हमला किया। इजरायली सेना के अनुसार हमास ने इजरायल पर 5,000 रॉकेट दागे और हमास के दर्जनों लड़ाकों ने दक्षिणी इजरायल के सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ की। इजरायली सेना ने उसके बाद फिलिस्तीनी बलों से उन्हें फिर से जीतने के लिए दक्षिणी क्षेत्रों में अपने सैनिकों को भेजा और गाजा में हमास के ठिकानों पर हमला करना शुरू कर दिया। इजरायली सरकार ने रविवार को घोषणा किया कि उसने बुनियादी कानून के अनुच्छेद 40 को लागू किया है, जिसका मतलब है कि देश आधिकारिक रूप से युद्ध में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में दोनों पक्षों ने सैकड़ों मौत और हजारों घायल होने की रिपोर्टें हैं।
हमास के हमले के बाद इजराइल-फिलिस्तीन के समर्थकों ने अमेरिका में जगह-जगह रैली निकाली
न्यूयॉर्क (अमेरिका)। इजराइल और फलस्तीन के समर्थकों ने रविवार को हमास के हमले को लेकर कई अमेरिकी शहरों में रैलियां आयोजित कीं। इस हमले में पश्चिम एशिया में सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों घायल हो गए। न्यूयॉर्क शहर में ‘टाइम्स स्क्वायर’ पर फलस्तीनी समर्थकों के एक बड़े समूह की रैली के बाद संयुक्त राष्ट्र परिसर के पास प्रतिद्वंद्वी समूह के प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी झड़प हुई। फिलिस्तीनी अमेरिकियों ने अटलांटा और शिकागो में इजराइली वाणिज्य दूतावासों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इजराइल का समर्थन करने के लिए प्रतिनिधिसभा की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने सैन फ्रांसिस्को में एक पूजा स्थल पर यहूदी समुदाय की प्रार्थना सभा का नेतृत्व किया।
अमेरिकी नेताओं के प्रदर्शन और भागीदारी से पता चलता है कि संघर्ष के दूरगामी प्रभाव होंगे, जिसने इजराइल की सहायता के लिए तैयार अमेरिका को पहले से ही पूर्वी भूमध्य सागर में नौसेना बलों को तैनात करने का आदेश देने के लिए प्रेरित किया है। डेमोक्रेटिक नेता एवं न्यूयॉर्क की गवर्नर कैथी होचुल ने शनिवार रात एक बयान में योजनाबद्ध फलस्तीन समर्थक रैली की निंदा की और इसे ‘‘घृणित एवं नैतिकता के विपरीत’’ बताया। न्यूयॉर्क में अन्य नेताओं ने भी इसी तरह के बयान जारी किए हैं। अटलांटा में 75 से अधिक लोगों ने रविवार दोपहर को इजराइली वाणिज्य दूतावास पर प्रदर्शन किया, हमास के समर्थन में नारे लगाए और इजराइल को अमेरिकी सहायता बंद करने का आह्वान किया।
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