
रायबरेली। नसीराबाद की एक महिला पशु चिकित्साधिकारी ने सीवीओ पर शोषण के प्रयास का गंभीर आरोप लगाया है। महिला पशु चिकित्साधिकारी का कहना है कि सीवीओ जब प्रयास में विफल रहे तो नौ दिन का वेतन रोक दिया। महिला पशु चिकित्साधिकारी ने विभागीय उच्चाधिकारियों समेत महिला आयोग को चिट्ठी लिखी है। उधर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मामला नसीराबाद पशु चिकित्सालय का है। यहां तैनात पशु चिकित्साधिकारी का आरोप है कि सीवीओ राज्य स्तरीय विभागीय संगठन के पदाधिकारी हैं और उन्होंने मेरी इच्छा के विरुद्ध जिला स्तरीय संगठन में मंत्री बना दिया। इसके बाद वह संगठन की बैठक में शामिल होने का दबाव बनाते थे।जब वह नहीं आई तो उन्होंने विभागीय बैठक में बुलाया। सभी अधिकारियों के जाने के बाद देर शाम उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। किसी तरह वह निकल कर भागी। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर सीवीओ ने नसीराबाद पशु अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय वह गोशाला में थी। सीवीओ ने बिना फोन किये हुए उपस्थिति रजिस्टर में राजपत्रित छुट्टियों के दौरान भी न किये गए हस्ताक्षर को जोड़कर नौ दिन अनुपस्थित दिखाते हुए वेतन रोक दिया। उधर, सीवीओ अनिल कुमार का कहना है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं। चूंकि विभागीय कार्रवाई की गई है इसलिए महिला पशु चिकित्साधिकारी बेबुनियाद आरोप लगा रही हैं।
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