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दो भाइयों के लिए काल बना सांप, मौत के मंजर से कांप उठा गनेशीपुर

रायबरेली : रात में जन्मदिन की खुशियां। सुबह होते-होते मंजर बदल गया और हर तरफ मातम छा गया। एक साप काल बनकर आया और दो भाइयों को हमेशा के लिए मौत की नींद सुलाकर चला गया। इसके बाद गांव में कोहराम मच गया। मामला सलोन कोतवाली क्षेत्र के गनेशीगंज गांव का है। गांव के शिवकुमार अग्रहरि उर्फ पप्पू का बड़ा लड़का मयंक(12) और यश (10) शनिवार की रात खाना खाने के बाद बरामदे में तख्त पर सो गए थे। जबकि पिता बच्चों के साथ ही बगल में खाट डाल कर सो गया। कमरे में शिवकुमार की पत्नी पुष्पा और सबसे छोटा लड़का वशु (4)सो रहे थे।शनिवार की रात लगभग 12 बजे अचानक यश चीखने लगा।पूछने पर परिजनों को बताया कि किसी जंतु ने उसके बाए हाथ की अंगुली में काट लिया है। करीब दस मिनट बाद बड़े लड़के मयंक के दाहिने हाथ की बाजू में सांप ने डस लिया। शोर शराबा होने से पूरे गांव के लोग एकत्र हो गए और बड़े लड़के मयंक को भी लेकर सभी झाड़-फूंक कराने पहुंचे।इसी बीच यश की मौत हो गई। जबकि बड़े लड़के मयंक की हालत बिगड़ता देख परिजन उसे सीएचसी सलोन लेकर भागे। इमरजेंसी में मौजूद डाक्टर अजय शंकर वर्मा ने बच्चे की हालत को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी उपचार देकर उसे जिला अस्पताल भेज दिया। वहां उपचार के दौरान मयंक ने भी दम तोड़ दिया।
दोनों बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया।डाक्टर अजय शंकर वर्मा ने बताया कि लगभग साढ़े तीन बजे के पास मयंक को गंभीर अवस्था में लाया गया था। रेफर के बाद जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मयंक की मौत हो गई। कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि सर्प काटने से दो किशोर की मौत की सूचना मिली थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सांप का नहीं चला पता, दिन भर भयभीत रहे लोग
घटना से दो दिन पूर्व शिवकुमार के घर के सामने छत्रपाल वर्मा के घर पर बेटे का निकासन कार्यक्रम था।ग्रामीणों के मुताबिक उस दौरान उनके यहां भी काला सर्प दिखाई दिया था।मौके पर लोग लाठी लेकर निकले लेकिन तब तक सर्प आंखों से ओझल हो गया।ग्रामीणों ने बताया कि पक्का नही कहा जा सकता कि दोनों बच्चों को उसी सर्प ने काटा है या फिर आसपास सर्पों का झुंड है। शनिवार की रात मयंक का धूमधाम से जन्मदिन मनाया गया। बेटे की मनपसंद खाना बनाया गया। पूरे परिवार ने मयंक के 12वें जन्मदिन पर ढेर सारा आशीर्वाद और उपहार दिया।लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। सांप काटने से दोनों भाइयों की मौत से परिवार में मातम छाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों भाई दुर्वाषा पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे। मयंक कक्षा सात और यस कक्षा चार छात्र था।