
– कृपालु इंस्टीट्यूट प्रबंधन पर कार्यवाही न होने को लेकर एबीवीपी के छात्रों ने किया धरना प्रदर्शन
रायबरेली : मुंशीगंज के कृपालु इंस्टिट्यूट में पढ़ाने वाली दो छात्राओं के साथ अभद्रता और पैरामेडिकल कॉलेज से बाहर निकाल देने का मुद्दा शुक्रवार को फिर गर्म हो गया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मामले में प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर हंगामा किया। डीएम मैडम बाहर आओ के नारे लगाकर डीएम के खिलाफ भी आक्रोश जाहिर किया। चेतावनी दी गई कि यदि प्रशासन ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया तो एबीवीपी कॉलेज में ताला लगा देगी। इस दौरान सीओ सिटी ने प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी के पदाधिकारियों से बात की तथा उन दो छात्राओं से भी पूरी जानकारी ली जिन्हें कॉलेज ने निकाल दिया है। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया गया।

मामला भदोखर थाना इलाके में मुंशीगंज के कृपालु इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल साइंस का है। यहां की एएनएम की दो छात्राओं ने बीती 26 सितंबर को डीएम को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया था कि उनके हिन्दू प्रतीकों पर हमला किया गया है। यहां सिंदूर और बिंदी लगाने पर पाबंदी लगाई जा रही है। छात्राओं ने यहां तक कहा कि प्रेगनेंसी के दौरान गर्भपात कराये जाने का भी दबाव बनाया गया है। छात्रा ने कहा कि अबॉर्शन न कराये जाने की स्थिति में उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया गया और फीस भी वापस नहीं की जा रही है। साथ ही चेकिंग के नाम पर अभद्रता की जाती है। डलमऊ की रहने वाली एक छात्रा ने बताया था वह एएनएम प्रथम वर्ष की छात्र है तथा पहले सेमेस्टर के लिए 80 हजार रुपये फीस जमा की है। उसके बाद भी उसे पढ़ने नहीं दिया जाता है। चेकिंग के नाम पर उनके साथ अभद्रता की जाती है। बताया कि पूरे कोर्स की फीस 2.35 लाख रुपये हैं। आरोप यह भी लगाया कि यदि किसी दिन कोई छात्र अनुपस्थिति रहती है तो आवेदन पत्र देने के बाद भी 7 हजार रुपये फाइन में लगाए जाते हैं। वहीं मोजा या अन्य कोई ड्रेस न पहने पर भारी भरकम फाइन लगाया जाता है। संदी नागिन की रहना वाली छात्रा ने बताया था कि वह शादीशुदा है और उससे कहा जाता है कि वह सिंदूर लगाकर न आए। इस समय वह गर्भवती है तो कहा गया कि इस तरह से उसे क्लास में नहीं बैठने दिया जाएगा। या तो वह गर्भपात करा ले या कोई दूसरा रास्ता तय करे। कहा गया कि फीस वापस कर दो तो उसे भी वापस नहीं किया जा रहा है। इस मामले में डीएम ने एसडीएम यूपीडा रिचा सिंह को जांच सौंपी थी लेकिन उनका स्थानांतरण हो गया और उसके बाद से जांच पूरी नहीं हो सकी। इसी बात को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों और सदस्यों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। इस दौरान डीएम के खिलाफ नारेबाजी की तथा आक्रोश जाहिर किया गया कि प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। वह पैरामेडिकल कॉलेज के प्रबंधन को बचा रहा है। इस दौरान पीड़ित छात्राओं ने भी धरना दिया।
इनसेट
सीओ ने सुनी सारी समस्या
मामले की जानकारी पर सीओ सिटी अमित सिंह मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने एबीवीपी के पदाधिकारियों को साथ उन छात्राओं से बातचीत की जिन्होंने प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन एबीवीपी के पदाधिकारी तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। बाद में किसी तरह सभी को समझाया जा सका।
सीओ ने सुनी सारी समस्या
मामले की जानकारी पर सीओ सिटी अमित सिंह मौके पर पहुंचे तथा उन्होंने एबीवीपी के पदाधिकारियों को साथ उन छात्राओं से बातचीत की जिन्होंने प्रताड़ना का आरोप लगाया था। इस पर उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन एबीवीपी के पदाधिकारी तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। बाद में किसी तरह सभी को समझाया जा सका।
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