
– पालिका में मची खलबली, अधिशासी अधिकारी ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई एफआइआर
रायबरेली : जिले साइबर क्राइम का एक बड़ा मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने महज एक दिन में नगर पालिका परिषद के खाते से सवा तीन करोड़ रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया। जानकारी मिलते हुए पालिका अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में अधिशासी अधिकारी ने मामले की तहरीर सदर कोतवाली में दी। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने कोतवाली में दिए तहरीर में उल्लेख किया फ्राड एक्टीविटी के माध्यम से नगर पालिका परिषद के एकाउंट नंबर 104801004141 से तीन करोड़ 25 लाख 22 हजार 713 रुपये 25 अक्टूबर को दूसरे खातों में भेज दिया गया। इसमें अलग-अलग फर्मों में तीन बार में उक्त धनराशि भेजा गया। यह गड़बड़ी आईसीआईसीआई बैंक मुख्य ब्रांच के खाते से किया गया है। कोतवाल संजय त्यागी ने ईओ की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला पंजीकृत कर लिया है।
इनसेट
इन खातों में भेजा गया भुगतान
पालिका अफसरों ने खाते से सवा तीन करोड़ रुपये निकाले जाने पर बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि तीन बार उक्त धनराशि का ट्रांसफर हुआ है। इसमें फर्म अनेकता में एकता क्रांति मंच में 98 लाख 65 हजार 987 रुपये, 99 लाख 56 हजार 895 रुपये और न्यू रायल इंटरप्राइजेज में एक करोड़ 20 लाख 68 हजार 975 रुपये भेज गए। सबसे बड़ी बात यह है कि अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी द्वारा इन फर्मों के भुगतान की कोई कार्रवाई तक नहीं की गई है। इसके बावजूद इतनी बड़ी गड़बड़ी हो गई।
कार्रवाई के घेरे में फिर आए लेखाकार
नगर पालिका परिषद के लेखाकार गिरीश बहादुर सिंह एक बार फिर कार्रवाई के घेरे में आ गए है। हाल ही में बोर्ड बैठक के दौरान सभासदों ने सर्वसम्मति से निलंबन के साथ जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इसमें भी उनपर कर्मचारी के बजट में गोलमाल करने का आरोप है। वहीं सवा तीन करोड़ के साइबर क्राइम में भी संदिग्ध माना जाने लगा है। इसकी वजह ईओ द्वारा दी गई तहरीर है। इसमें उन्होंने जिक्र किया कि अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर सार्टीफिकेट लेखाकार गिरीश बहादुर सिंह के पास रहती है। ऐसे में कहीं न कहीं जांच के दायरे में वह भी आ गए। इसके अलावा पीएफएमएस पोर्टल का कार्य लेखा अनुभाग के लिपिक अमित श्रीवास्तव द्वारा किया जाता है।
इनकी सुनें
नगर पालिका परिषद के खाते में तीन करोड़ 25 लाख 22 हजार 713 रुपये का 25 अक्टूबर को साइबर फ्राड हुआ है। इसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज करा दी गई है।
स्वर्ण सिंह
अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
यह एक बहुत बड़ा साइबर क्राइम है। इसमें कौन संलिप्त है यह पुलिस की जांच के बाद ही पता चल सकेगा। प्रकरण में यदि कोई कर्मचारी संलिप्त मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शत्रोहन सोनकर
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद
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