
लखनऊ: रामपुर में अम्मी (डा. तजीन फात्मा) और सीतापुर में अब्बू (आजम खान) किस हाल में होंगे, बस इसी ख्याल में हर वक्त खोए रहने वाले अब्दुल्ला आजम की रातें अजीब सी बेचैनी में गुजर रहीं हैं। अपनों से अलग बैरक नंबर 21 में बंद अब्दुल्ला का दिन किसी न किसी तरह से गुजर जाता है, लेकिन रात अपने अम्मी-अब्बू की खैरियत की दुआ मांगते-मांगते कट रही है। रामपुर के सियासी घराने के चश्म-ए-चिराग अब्दुल्ला आजम इन दिनों हरदोई जेल के बैरक नंबर 21 में बंद हैं। दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में आजम खान, उनकी पत्नी डा. तजीन फात्मा और पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी।आजम खान को सीतापुर, उनकी पत्नी रामपुर और अब्दुल्ला आजम को हरदोई जेल में रखा गया है। सोमवार को अब्दुल्ला से उनकी मौसी प्रोफेसर तनवीर फातिमा और मौसा जियाउल रहमान ने मुलाकात की थी। अपनों को सामने देख कर अब्दुल्ला को काफी सुकून मिला था, लेकिन 45 मिनट की मुलाकात के बाद जब दोनों चले गए तो उन्हें अजीब सी बेचैनी सताने लगी।जैसा कि जेल प्रशासन का कहना है कि अब्दुल्ला आजम को अकेले नहीं रखा गया है। वे कैदियों के साथ हैं। वैसे दिन तो उन्हीं कैदियों के बीच किसी न किसी तरह गुजर जाता, लेकिन रात आती है तो अम्मी और अब्बू का ख्याल सताने लगता है। ऐसे में उनकी खैरियत की दुआ मांगते-मांगते नींद आ जाती है, फिर अगली सुबह वही हाल हो जाता है।
More Stories
मटिहा के मैदान में चमके टेनिस के सितारे, मेजर निर्भय चैंपियन
ईटीएफ मास्टर टेनिस चैंपियन बने नितिन और सुनील
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान की गूंज के साथ दी सलामी