कार्तिक पूर्णिमा स्नान के दौरान हादसा, नदी में डूबे दूसरे युवक की तलाश जारी
फतेहपुर की और घाट पर डूबे मां और दो बेटे, एक का शव बरामद

रायबरेली। आंखों के सामने डूब रहे लाल को बचाने के लिए एक मां ने अपने जान की परवाह किए बगैर गंगा की धारा छलांग लगा दिया। मां और भाई को देख दूसरा भाई भी खुद गया। देखते ही देखते कार्तिक पूर्णिमा पर हंसी खुशी परिवार पर ग़मों का पहाड़ टूट पड़ा। गंगा स्नान कर रही मां और पुत्र गंगा नदी में डूब रहे दूसरे पुत्र को बचाने में अपनी जान की बजा लगा दी। गंगा नदी में एक के बाद एक को डूबता देख गंगा तट किनारे खड़े छोटे पुत्र और भतीजे ने शोरगुल मचाना शुरू कर दिया। गंगा नदी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस के जवान व नगर पंचायत कर्मियों ने फौरन गोताखोरों को उतारकर गंगा नदी में डूबे तीन लोगों की तलाश शुरू कर दी। गोताखोरों के प्रयास से एक महिला व पुत्र को खोजकर बाहर निकाला गया और दोनों को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने पुत्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि हालत में सुधार न होने पर महिला को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि अभी तक गंगा नदी में डूबे दूसरे पुत्र का कहीं पता नहीं चल सका है। टीम गंगा नदी में उसकी तलाश कर रही है।

फतेहपुर जनपद के असनी थाना हुसैनगंज निवासिनी छेदाना पत्नी दिलीप कुमार अपने तीन पुत्रों के साथ दीपावली के अवसर पर अपने मायके वारी मजरे फिरोजपुर थाना हुसैनगंज आई थी। आज शुक्रवार को कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर्व पर अपने तीन पुत्रों हिमांशु (12), पीयूष (10), आयुष (8) और भतीजे आशीष (11) के साथ गंगा स्नान करने आई थी, तभी मझला पुत्र पीयूष गंगा स्नान करते समय डूबने लगा, जिसको देखकर मां छेदाना और 12 वर्षीय बड़ा पुत्र हिमांशु अपनी जान की बाजी लगाकर गंगा नदी में उसे बचाने के लिए कूद गया। गंगा नदी में पानी का तेज बहाव होने के कारण मां और बड़ा पुत्र भी डूबने लगा। गंगा तट के किनारे खड़े छोटे पुत्र आयुष और भतीजे आशीष ने जब उन्हें भी डूबता देखा तो चीख पुकार मचा दी। तभी गंगा नदी में नाविक के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों और नगर पंचायत कर्मचारियों की इस पर नजर पड़ी और फौरन गोताखोरों को गंगा नदी में उतारकर उनके बचाव कार्य में जुट गए। काफी प्रयास के बाद गोताखोंरो नें गंगा नदी में डूबी एक महिला और उसके पुत्र हिमांशु को बाहर निकाल लिया, जिसे आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद् डलमऊ ले जाया गया, जहां पर डॉक्टर ने उसके पुत्र हिमांशु को मृत घोषित कर दिया। जबकि गंभीर मां छेदाना की हालत को नाजुक देखते हुए डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। समाचार लिखे जाने तक गंगा नदी में डूबे मंझले पुत्र पीयूष की तलाश जारी है। इस दौरान श्रद्धालुओं में हड़कंप मचा रहा। शुक्रवार को स्नान के दौरान हुई इस घटना से डलमऊ तहसील प्रशासन सुरक्षा में हुई चूक को छिपाने के लिए घटना से पूरी तरह से पल्ला झाड़ते नजर आए। उप जिलाधिकारी डलमऊ अभिषेक वर्मा ने बताया कि घटना गंगा नदी के दक्षिणी छोर फतेहपुर सीमा क्षेत्र में हुई है। कोतवाली प्रभारी डलमऊ पवन कुमार सोनकर ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल घटना फतेहपुर सीमा क्षेत्र से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है।
घटना से डलमऊ तहसील प्रशासन ने झाड़ा पल्ला

डलमऊ। डलमऊ गंगा घाट पर आस्था की डुबकी लगाने के दौरान डूबे तीन लोगों के मामले से डलमऊ तहसील प्रशासन अपनी जान बचाते नजर आ रही है। यह घटना गंगापुल डलमऊ के मध्य नदी की उतरी धारा में होना पाया गया है। लेकिन क्षेत्रीय तहसील प्रशासन इस घटनास्थल को फतेहपुर सीमा क्षेत्र के होने का राग अलाप रही है। घटनास्थल से लगभग 100 मीटर की दूर गंगापुल के दक्षिण छोर पर डलमऊ कोतवाली का बैरियर लगाया गया है। यहीं नहीं डलमऊ गंगा घाट किनारे से घायल मां-बेटे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने में एम्बुलेंस को लगभग एक घंटे जाम को झाम से जूझ़ना पड़ा। जबकि यह रास्ता डलमऊ गंगा घाट से मात्र दो किलोमीटर का है।

बेटे को गोद में लेकर भागे परिजन, मौके पर नहीं मिली मदद
जैसे ही गोताखोरों व नाविको के द्वारा मां छेदाना एवं मृतक हिमांशु को गंगा उस पार से शमशान घाट के निकट गंगा पुल के पास नाव की मदद से लाया गया, वहां पर प्रशासन द्वारा घटना होने के बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई। जबकि घटना घटित होने के बाद काफी समय बीत चुका था। पुल के ऊपर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए परिजनों को बेटे को गोद में लेकर भागना पड़ा। नाव से एंबुलेंस तक पहुंचाने के लिए प्रशासन की कोई व्यवस्था नहीं नजर आई।
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