
- साइबर अपराध रोकने के लिए दूर करनी होगी गलतफहमी: एडीजी
रायबरेली। एसपी कार्यालय परिसर में बने किरण हॉल में मंगलवार को साइबर अपराधों को रोकने के लिए जन जागरूकता फैलाने के मकसद से प्रदेश में नई पहल का शुभारंभ किया गया। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया और कहा कि साइबर अपराध रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए समाज के हर तबके को आगे आना होगा। साथ ही दिमाग में जो गलतफहमी हैं उनको भी निकालना होगा।
लखनऊ रेंज पुलिस और पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फायनांस लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से किरण हॉल में साइबर अपराध को रोकने के लिए सबकी नियत साफ नहीं होती अभियान की शुरुआत की गई। इस पायलट प्रोजेक्ट को रायबरेली से शुरू किया गया। इसमें रायबरेली के साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर और खीरी जिला को भी शामिल किया गया है। पहले यह पायलट प्रोजेक्ट इन पांच जिलों में चलेगा इसके बाद पूरे प्रदेश में यह अभियान चलाया जाएगा। दो माह तक चुने गए पांचों जिलों में 24 स्पॉट पर साइबर अपराध से बचने के लिए नुक्कड़ नाटकों का मंचन होगा, स्कूलों में बच्चों को जागरूक किया जाएगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भी अभियान चलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधान तथा स्वयंसेवी संगठनों की मदद ली जाएगी। अभियान का उदेश्य है कि हर किसी को साइबर अपराध खासकर बैंक ट्रांजिक्शन की बारीकियों और होने वाले फ्राड से अवगत कराया जाए। किरण हॉल में व्यापारियों और प्रतिष्ठित लोगों की सहभागिता के बीच लखनऊ जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया, आईजी लखनऊ रेंज तरुण गाबा, एसपी आलोक प्रियदर्शी, पीरामल फायनांस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफीसर सुनीत मदान और हेड मार्केटिंग अरविंद अय्यर ने पायलेट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने कहा कि इस तरह की पहल समाज को नई सीख देगी। यह बहुत बड़ा काम है कि लोगों को जागरूक किया जा रहा है। कहा कि साइबर अपराध एक बहुत बड़ी चुनौती है। सभी का परिवार है और लोग सोचते हैं कि उनके परिवार के लोग साइबर अपराध के बारे में जानते हैं तो यह गलतफहमी है। इसे दूर करना जरूरी है। परिवार के हर सदस्य को साइबर अपराध के बारे में जानकारी है तो ऐसा सही नहीं है। ऐसे में जरूरी है कि हम सभी परिवार के हर सदस्य को साइबर अपराध के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि जो अभियान शुरू किया गया है उसके परिणाम भी सामने आएंगे। लोग जरूर जागरूक होंगे। आईजी तरुण गाबा ने कहा कि यह एक संयुक्त प्रयास है और पांच जनपदों को इस अभियान से जोड़ा गया है। साइबर अपराध पुलिस महकमे के लिए बड़ी चुनौती है। हमें उससे कैसे लड़ना है इस पर पुलिस का पूरा फोकस है। साइबर अपराधों से बचाव को लेकर इस तरह का अभियान चलाया जा रहा है। कहा कि दुनिया में एक दिन में 10 लाख लोग साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं वहीं एक घंटे में 50 हजार लोग इसका शिकार होते हैं। एक सेवानिवृत्त अधिकारी के साथ हुए साइबर अफराध के वाक्ये का भी आईजी ने जिक्र किया कि किस तरह साइबर अपराध मन मस्तिष्क को प्रभावित कर देते हैं। साइबर अपराध को रोकने के लिए हर जनपद में थाना बन रहा है तो साथ ही साइबर सेल खुला है। पीरामल फायनांस के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सुनीत मदान ने कहा कि भारत में इंटरनेट के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि के बीच दुनिया भर में दूसरे बड़े उपयोगकर्ता के आधार के साथ हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि देश के अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल का पैठ गहरी हो गई है। ऐसे में साइबर साक्षरता की जरूरत है। उत्तर प्रदेश पुलिस से जुड़कर बहुत खुशी है। इस मौके पर एएसपी नवीन कुमार सिंह, सीओ सिटी वंदना सिंह, सीओ लालगंज महिपाल पाठक आदि पुलिसकर्मी और अधिकारी मौजूद रहे।
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