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अधूरी पेंशन की आस, पालिका की सीढ़ियों पर ली अंतिम सांस

रायबरेली: बाबूओं की झल्लाहट तो कभी अफसरों की फटकार। हर बार उसे दुत्कार ही मिला। पेंशन की आस लिए हर दिन कार्यालय पहुंचता, लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी। देखते-देखते दो साल बीत गए। आखिरकार गुरुवार को पेंशन की आस लिए नंदलाल पालिका कार्यालय के नीचे पहुंचा जरूर, लेकिन सीढ़ियों पर कदम पड़ने से पहले ही उसकी सांस थम गई। नंदलाल के मौत की खबर मिलते ही पालिका के जिम्मेदारों के भी हाथ पैर फूल गए। आनन-फानन में परिवारजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
नगर पालिका परिषद रायबरेली में सफाई कर्मी पद पर तैनात नंद लाल करीब दो साल पहले सेवानिवृत्त हुआ था। इसके बाद अपने देयकों के भुगतान और पेंशन के लिए कार्यालय का चक्कर लगाने लगा। इस दौरान किसी ने एक नहीं सुनी। आर्थिक तंगी के चलते वह भुखमरी की कगार पर पहुंच गया और बीमार रहने लगा। घर में उनके अलावा कोई दूसरा कमाने वाला नही था। नगर पालिका परिषद रायबरेली के लेखा विभाग के गैर जिम्मेदाराना और अधिकारी व बाबुओं की उदासीनता का आलम यह था कि कोई भी ऐसा दिन नहीं था जब वह कार्यालय नहीं पहुंचा। गुरुवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। पेंशन और बकाया की आस लिए सुपर मार्केट पहुंचा, लेकिन हसरत अधूरी रह गई। पालिका के जिम्मेदारों ने आनन-फानन में पुलिस को बुलवाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ जिलाध्यक्ष दिनेश वाल्मीकि और जिला महासचिव संजय मौर्य, मंडल अध्यक्ष पूर्वी अवध प्रांत शिव शंकर लाल वाल्मीकि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि सेवानिवृत्ति कर्मचारियों का भुगतान को लेकर जल्द आंदोलन किया जाएगा।
अधिशासी अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि सेवानिवृत्त सफाई कर्मी नंदलाल के मौत की सूचना परिवारजनों को दे दी गई है। वह करीब दो साल पहले सेवानिवृत्त हुआ था। अधिकांश भुगतान किया जा चुका है। पेंशन के लिए फाइल भेजी गई थी। उसमें कुछ बिंदुओं पर जवाब मांगा गया था। सेवानिवृत्त कर्मियों को हर संभव भुगतान दिलाने की कोशिश रहती है।