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कसूर क्या है साहब, उत्पीड़न की हो गई इंतहा

32 साल नौकरी कर रहे एहसान अली ने उत्पीड़न का लगाया आरोप

रायबरेली। होमगार्ड के लिए आज के इस दौर में घर परिवार का पालन-पोषण करना किसी चुनौती से कम नहीं है। उस पर मानदेय कट जाए तो फिर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। कुछ ऐसा ही 32 साल से नौकरी कर रहे होमगार्ड एहसान अली के साथ हो रहा है। इनका कसूर क्या है, यह अभी तक इन्हें भी साफ नहीं हो सका है। जबकि उत्पीड़न किया जा रहा है। आरोप है कि यातायात प्रभारी पानी पीने, खाना खाने और लघुशंका जाने पर ड्यूटी से गैर हाजिर कर देते हैं।
शहर में यातायात के नियंत्रण को लेकर चिड़ियाखाना निवासी होमगार्ड एहसान अली की ड्यूटी लगती है लेकिन यह परेशान हैं। इनकी दिक्कत यातायात प्रभारी हैं जो इन्हें पानी पाने, खाना खाने और लघुशंका के लिए जाने नहीं देते। जब यह ऐसा करते हैं तो गैर हाजिर कर दिया जाता है। आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है, इस पर एहसान अली भी असमंजस में हैं। कहते हैं कि उन्हें अपनी गलती का कोई पता नहीं है। बस पानी और लघुशंका जाना भी मुश्किल कर दिया गया है। एहसान अली का कहना है कि वह 32 साल से होमगार्ड विभाग में नौकरी कर रहे हैं और 2016 से रायबरेली में हैं। 7 साल सेवानिवृत्त होने को बचे हैं। उम्र के इस पड़ाव में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। बताया कि न तो उनके पास जमीन है न जायदाद। नौकरी कर किसी तरह परिवार को जिंदा रखे हुए हैं। यातायात प्रभारी असभ्यता से बात भी करते हैं। वहीं धमकी देते हैं कि नौकरी से निकाल दिए जाओगे तो सही हो जाओगे।