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जहर से अभिषेक की हुई थी मौत

पुलिस ने सात महीने बाद हत्याकांड का किया खुलासा

 

रायबरेली। जिले में रिश्तों को शर्मसार करने का एक मामला सामने आया है। करीब सात महीने पहले इंजीनियर अभिषेक हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी फुफेरा भाई समेत चार लोगों को हिरासत में लिए है। वही एक आरोपी अभी भी पुलिस के गिरफ्त से दूर है।

 

 

 

शर्मसार रिश्ते

जिले के महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में बीटेक सिविल इंजीनियर अभिषेक यादव की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बिसरा रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिलीप यादव समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मिल एरिया थाना क्षेत्र के प्रगतिपुरम कॉलोनी निवासी संगीता यादव का इकलौता बेटा अभिषेक यादव पीसीआई इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत था। अभिषेक की मां के अनुसार, उनका फुफेरा भाई दिलीप यादव अकसर अभिषेक से मिलता था, जबकि अभिषेक उसे नापसंद करता था और उसके बुरे लोगों से संपर्कों के कारण उससे दूरी बनाना चाहता था।

 

ऐसे मिला था अभिषेक

27 जून 2025: दोपहर में दिलीप यादव, अभिषेक के घर पहुंचा और उसे अपने साथ कार में ले गया। 28 जून सुबह करीब 4 बजे दिलीप ने परिजनों को सूचना दी कि अभिषेक को खून की उल्टियां हो रही हैं और वह बेहोश है। सूचना पर मां संगीता यादव ने रतापुर चौराहे पर जब कार में देखा तो अभिषेक केवल अंडरवियर में था और उसकी हालत अत्यंत गंभीर थी। उसे एम्स रायबरेली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

विसरा के रिपोर्ट से हुआ खुलासा

अभिषेक की मौत के बाद परिजनों ने हत्या का अंदेशा जताते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर विसरा सुरक्षित कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा था। हाल ही में आई विसरा रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि पैसे के लेनदेन के विवाद में साजिश के तहत जहर देकर इस हत्या को अंजाम दिया गया।

 

इनको किया गया गिरफ्तार

कोतवाल जगदीश यादव ने बताया कि दिलीप यादव, पंकज यादव, शशिकेश व राजेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एक अन्य आरोपी अजय की तलाश की जा रही है।