
पत्नी और दो बच्चों की हत्या कर फंदे पर लटका नेत्र चिकित्सक,
एसपी बोले डिप्रेशन में था नेत्र चिकित्सक, मिली संदिग्ध दवाएं
आईजी तरुण गाबा ने घटनास्थल पर पहुंच कर लिया जायजा
शशांक सिंह राठौर
लखनऊ : एक नहीं बल्कि चार मौतें। इसके बावजूद आस पड़ोस के लोग बेखबर बने रहे। यह कहीं और नहीं बल्कि पड़ोसी जनपद रायबरेली के रेलकोच फैक्ट्री ऐहार लालगंज की घटना है। मंगलवार की देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब आसपास के कर्मचारियों ने अनहोनी की आशंका जताई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब अंदर का दृश्य देखा तो उनके पांव तले जमीन खिसक गई। खून से लथपथ दो बच्चे और पत्नी, जबकि पति नेत्र चिकित्सक का शव लटकता मिला।
बताते है कि लालगंज रेल कोच फैक्टरी अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ ने पत्नी और दो बच्चों की हथौड़े से प्रहार कर हत्या करने के बाद फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस घटना से रेल कोच फैक्ट्री कैंपस में सनसनी फैली हुई है। एसपी के मुताबिक चिकित्सक डिप्रेशन का शिकार थे तथा उन्होंने पत्नी और बच्चों को पहले नशे का इंजेक्शन देकर उनको बेहोश किया फिर हत्या की तथा खुद के गले में फंदा लगा लिया।

मौत के बाद हर कोई सहमा, पहुंचे आईजी
रेल कोच के ऑफिसर्स कॉलोनी के एक बंगले में चार मौतों से हर कोई सहम सा गया है। मामले की सूचना जैसे ही पुलिस महकमे को मिली, हर कोई सतर्क हो गया। रात में ही एसपी और एडिशनल एसपी ने घटनास्थल का जायजा लिया था। सुबह होते-होते लखनऊ मुख्यालय से आईजी तरुण गाबा भी आधुनिक रेल कोच कारखाने के आवासीय परिसर स्थित मृतक डॉक्टर अरुण सिंह मौर्य के बंगले पर पहुंचे और अंदर बाहर घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि घटनास्थल से जो भी तथ्य और साक्ष्य मिले हैं। उनसे यह प्रतीत होता है कि डॉक्टर अरुण ने पहले अपने दो बच्चों और पत्नी को बेहोश किया और उसके बाद उनके सिर पर वार करके उन्हें मार डाला। बाद में स्वयं भी आत्महत्या कर ली।

सोमवार को नहीं की इमरजेंसी ड्यूटी
रेल कोच फैक्ट्री अस्पताल में एमओ नेत्र चिकित्सक के पद पर तैनात अरुण सिंह पिछले कुछ दिन से नजर नहीं आ रहे थे। वहीं सोमवार को उनकी अस्पताल में इमरजेंसी पर ड्यूटी थी। जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों द्वारा उनको मोबाइल मिलाया गया लेकिन बात नहीं हुई तो बीती देर रात उनके आवास पर स्वास्थ्य कर्मी पहुंचे। वहीं कैंपस के लोगों ने भी जानकारी नहीं होने की बात कही।

लॉक तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस और फारेंसिक टीम
पुलिस और फारेंसिक टीम ने घर के भीतर से बंद लॉक को तोड़कर अंदर पहुंच कर पड़ताल की तो उनके होश उड़ गए। चिकित्सक का शव फंदे से लटक रहा था तो वहीं पत्नी अर्चना और 12 वर्षीय बेटी अदीवा और चार वर्षीय बेटा आरव के शव बेड पर रक्तरंजित पड़े हुए थे। पास ही नशे के इंजेक्शन के एंपुल पड़े थे तथा हथौड़ी पड़ी थी। वहीं इनकी हाथ की नश भी कटी मिली।

गम में बदल गई सारी खुशियां
बेटी, दामाद और बच्चों की मौत ने जय प्रकाश सिंह को झकझोर कर रख दिया। ग्राम भाव सिंह पुरा उर्फ अतरैला थाना गैपुरा विंध्याचल मिर्जापुर के रहने वाले जयप्रकाश सिंह मौर्य ने बताया कि उनकी और उनके भतीजे की अर्चना से टेलिफोनिक बातचीत रविवार को रात 9 बजे के करीब हुई थी। गुरुवार को मेरी भतीजी की इंगेजमेंट थी जिसकी सूचना भी रविवार को हम लोगों ने अर्चना को दिया था। आज यहां से सबको जाना था। हम करीब करीब रोज अपनी पुत्री से बात करते थे। सोमवार को फोन करने के बावजूद बिटिया ने फोन नहीं उठाया। मंगलवार को भी फोन नहीं उठाया। मंगलवार की रात एक बजे डॉक्टर अरुण के मां कलावती का फोन आया और उन्होंने बताया कि पुलिस से सूचना मिली है कि रायबरेली लालगंज में डॉक्टर अरुण के साथ कोई घटना हो गई है और परिवार के लोगों ने सुसाइड कर लिया है। लालगंज सुबह बुधवार पहुंचे तो पुलिस से घटना की जानकारी हुई।
बेटी, दामाद और बच्चों की मौत ने जय प्रकाश सिंह को झकझोर कर रख दिया। ग्राम भाव सिंह पुरा उर्फ अतरैला थाना गैपुरा विंध्याचल मिर्जापुर के रहने वाले जयप्रकाश सिंह मौर्य ने बताया कि उनकी और उनके भतीजे की अर्चना से टेलिफोनिक बातचीत रविवार को रात 9 बजे के करीब हुई थी। गुरुवार को मेरी भतीजी की इंगेजमेंट थी जिसकी सूचना भी रविवार को हम लोगों ने अर्चना को दिया था। आज यहां से सबको जाना था। हम करीब करीब रोज अपनी पुत्री से बात करते थे। सोमवार को फोन करने के बावजूद बिटिया ने फोन नहीं उठाया। मंगलवार को भी फोन नहीं उठाया। मंगलवार की रात एक बजे डॉक्टर अरुण के मां कलावती का फोन आया और उन्होंने बताया कि पुलिस से सूचना मिली है कि रायबरेली लालगंज में डॉक्टर अरुण के साथ कोई घटना हो गई है और परिवार के लोगों ने सुसाइड कर लिया है। लालगंज सुबह बुधवार पहुंचे तो पुलिस से घटना की जानकारी हुई।
पुलिस अधीक्षक बोले
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला चिकित्सक द्वारा बच्चों और पत्नी की हत्या करके स्वयं आत्महत्या करने का प्रतीत हो रहा है। चिकित्सक डिप्रेशन का शिकार थे जिस कारण आत्महत्या की है और पत्नी और बच्चों की भी हत्या की है। बताया कि घटनास्थल से नशीली दवा भी मिले हैं, जिससे आशंका है कि पत्नी और बच्चों को इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया फिर उनकी हत्या की गई।
आईजी बोले
आईजी ने बताया कि डॉक्टर अरुण डिप्रेशन का शिकार और हिंसक प्रवृत्ति का व्यक्ति था। स्टाफ में भी विवाद किया करता था। फिर भी प्रत्येक बिंदु पर छानबीन की जा रही है।अस्पताल में काम करने वाले स्टाफ और परिजनों से भी पूछताछ कर सभी जानकारी हासिल की जा रही है। डॉ अरुण के बंगले के अंदर से इन्सुलिन, सिरिंज ,दीमक मार दवा सहित अन्य वस्तुएं भी बरामद हुई है।
More Stories
मटिहा के मैदान में चमके टेनिस के सितारे, मेजर निर्भय चैंपियन
ईटीएफ मास्टर टेनिस चैंपियन बने नितिन और सुनील
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने फहराया तिरंगा, राष्ट्रगान की गूंज के साथ दी सलामी