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पुलिस को नहीं आई तरस और मौत की नींद सो गया युवक

 

रायबरेली। वैसे तो खाकी के कई काम काबिलेतारीफ होते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं, जो दाग लगाने में पीछे नहीं हटते है। कुछ ऐसा ही मामला लालगंज कोतवाली क्षेत्र का सामने आया है। सैमसी गांव के निकट गंगा सागर की खेत में खून से लथपथ युवक तड़पता रहा, लेकिन किसी ने इलाज कराना मुनासिब नहीं समझा। दूसरे दिन जब उसकी मौत हो गई तो पुलिस शिनाख्त कराने में जरूर लग गई। पुलिस का हाल यह है कि जिन मामलों में वसूली होने की संभावना है, वहां पर वह पूरी ताकत से जुटती है और जहां पसीना बहाने की जरूरत होती है वहां वह कन्नी काटती है। युवक की मौत के मामले में भी पुलिस की अनदेखी सामने आई है। बताते है कि मंगलवार शाम चार बजे से युवक गांव के पास घायल अवस्था में पड़ा था और इलाज के अभाव में तड़पता रहा और खीरो पुलिस ने उसकी गहनता से पड़ताल करने की जरूरत नहीं समझी। बुधवार को जब युवक का शव पड़ा मिला तो पुलिस मौके पर पहुंच गई। सबसे खास बात यह है कि पुलिस को भी मालूम है कि युवक ट्रेन की चपेट में आकर घायल हो गया था लेकिन उसे अस्पताल तक पहुंचाने की जरूरत नहीं समझी गई। बुधवार को शव मिला तो पुलिस अपना पक्ष रखने के लिए इसलिए सामने आ गई कि कहीं हत्या जैसी बात उड़ने लगी तो लखनऊ में बैठे अधिकारियों को बताना मुश्किल हो जाएगा। यह संवेदनहीनता और अनदेखी उस समय सामने आई जब मंगलवार को एडीजी और आईजी लखनऊ एसपी कार्यालय पर मौजूद थे। पुलिसकर्मियों ने इस बात को भी नजरअंदाज कर दिया कि दो बड़े अधिकारी जिले में हैं और ऐसे में जितनी सजगता की जाए वह अच्छा है। हालांकि मृतक की शिनाख्त दोपहर में हो गई। पुलिस के मुताबिक रणगांव निवासी गोपाल सिंह उर्फ नकक्षेद सिंह ने बताया कि मृतक का नाम रवि था। वह उनके यहां रहकर घरेलू कार्य करता था। कुछ मोटे दिमाग का था। उन्होंने बताया कि रवि उन्हें छह माह पूर्व अटौरा के पास घूमते मिला था वह उसे अपने घर ले आए थे ।घर में जानवरों का चारा पानी करता था और आराम से रहता था। मंगलवार शाम को अचानक गायब हो गया था। आज सुबह उसकी लाश सैमसी के पास पाई गई है। पुलिस का कहना है कि उसकी मौत दुर्घटना के चलती हुई है।