BEDHADAK NEWS

BedhadakNews.in

थ्री एअर प्रोग्राम से बदलेगी रायबरेली शहर की आबोहवा

– रायबरेली में पीएम-2.5 मानक से 7.2 गुना अधिक
रायबरेली। शहर की आबोहवा एअर इंडेक्स के हिसाब से बहुत खराब है। प्रदेश के सबसे प्रूदषित शहरों में रायबरेली का नाम है। इसे लेकर शासन स्तर से मॉनीटरिंग कराई गई थी। वहीं प्रशासन ने भी वायु प्रदूषण को लेकर सर्वे कराया था। इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। ऐसे में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा रायबरेली की आबोहवा को स्वच्छ करने के लिए एअर प्रोगाम को हरी झंडी दी गई है। करोड़ों रुपये से थ्री एअर प्रोगाम के जरिए रायबरेली शहर के वायु प्रदूषण को कम कर हवा को शुद्ध किया जाएगा।
रायबरेली शहर का वायु प्रदूषण प्रदेश की टॉप-10 सूची में शामिल है। हवा इनती जहरीली है कि सर्दियों में धुंध होने से सांस लेना मुश्किल होता है। हवा के प्रदूषण का असर बारिश के बाद देखने को मिलता है। अक्टूबर से नवंबर तक होने वाली धुंध में वायु प्रदूषण का खतरनाक स्तर होता है। रायबरेली शहर की हवा को बेहतर बनाने के लिए थ्री एअर प्रोग्राम को स्वीकृति मिल गई है। इससे शहर की आबोहवा को स्वच्छ बनाया जाएगा। रायबरेली में इस समय पीएम-2.5 मानक से 7.2 गुना अधिक है। वायु गुणवत्ता सूचकांक 103 से 137 एक्यूआई है। जो बहुत अधिक है। ऐसे में थ्री एअर प्रोग्राम शहर की हवा को शुद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा।
इनसेट
हर प्रमुख चौराहे पर होगा ट्रैफिक लाइट सिग्नल सिस्टम
शहर के हर प्रमुख चौराहे पर ट्रैफिक लाइट सिग्नल सिस्टम लगेगा। इसमें वायु इंडेक्स को नापने वाला डिवाइस भी लगेगा जिससे पता लगेगा कि वायु प्रदूषण का स्तर क्या है। इसकी मॉनीटरिंग लखनऊ और दिल्ली से होगी। इस सिस्टम से यातायात नियंत्रण में सहूलियत होगी तो साथ ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा।
इनसेट
सड़क की पटरियों की होगी इंटरलॉकिंग
सड़क की पटरियों की इंटरलॉकिंग की जाएगी। जिससे धूल के गुहार को उड़ने से रोका जाएगी। पटरियों की इंटरलॉकिंग दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की तरह होगी। इन पर किसी को कब्जा करने या दुकान लगाने की अनुमति नहीं होगी। इस पर अतिक्रमण करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पूरी पटरी कवर होगी जिससे मवेशी भी इसमें नहीं घुस सकेंगे।
इनसेट
डेवलेप होंगे सिटी फॉरेस्ट
शहर को क्लीन एंड ग्रीन बनाया जाएगा जिसके लिए पौधों का रोपण किया जाएगा। खासकर अधिक ऑक्सीजन वाले छोटे पौधे लगाए जाएंगे तो वहीं शहर के ग्रीन एरिया को अधिक विकसित किया जाएगा। इसके लिए हजारों पौधों का रोपण होगा। एक तरह से सिटी जंगल देखने को मिलेगा। इससे वायू का स्तर सुधर जाएगा और हवा में शुद्धता आएगी।
इनसेट
रायबरेली में वायु प्रदूषण का वर्ष 2018 से 2023 तक का हाल
वर्ष 2018
टाउन हाल कॉलोनी, गुलाब रोड, अहमद नगर आवासीय             132.48 यूजी एम 3
खोया मंडी तिराहा लखनऊ रोड                         व्यवसायिक             115.38 यूजी एम 3
अमावां रोड इंडस्ट्रियल एरिया                         औद्योगिक             148.55 यूजी एम 3
वर्ष 2019
टाउन हाल कॉलोनी, गुलाब रोड, अहमद नगर आवासीय             163.5 यूजी एम 3
खोया मंडी तिराहा लखनऊ रोड                         व्यवसायिक             179.8 यूजी एम 3
अमावां रोड इंडस्ट्रियल एरिया                         औद्योगिक             185.0 यूजी एम 3
वर्ष 2020
टाउन हाल कॉलोनी, गुलाब रोड, अहमद नगर आवासीय             70.3 यूजी एम 3
खोया मंडी तिराहा लखनऊ रोड                         व्यवसायिक             48.8 यूजी एम 3
अमावां रोड इंडस्ट्रियल एरिया                         औद्योगिक             52.2 यूजी एम 3
वर्ष 2021
टाउन हाल कॉलोनी, गुलाब रोड, अहमद नगर आवासीय             145.5 यूजी एम 3
खोया मंडी तिराहा लखनऊ रोड                         व्यवसायिक             162.3 यूजी एम 3
अमावां रोड इंडस्ट्रियल एरिया                         औद्योगिक             190.2 यूजी एम 3
वर्ष 2022
टाउन हाल कॉलोनी, गुलाब रोड, अहमद नगर आवासीय             164.5 यूजी एम 3
खोया मंडी तिराहा लखनऊ रोड                         व्यवसायिक             177.8 यूजी एम 3
अमावां रोड इंडस्ट्रियल एरिया                         औद्योगिक             188.0 यूजी एम 3
इनसेट
रायबरेली में प्रदूषण के मुख्य कारक कण
आवासीय
एनओटू- 14.96 यूजी एम 3, एसओटू- 8.64 यूजी एम 3
व्यवसायिक
एनओटू- 19.91 यूजी एम 3, एसओटू- 14.49 यूजी एम 3
औद्योगिक
एनओटू- 17.22 यूजी एम 3, एसओटू- 10.76 यूजी एम 3