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एनटीपीसी की मालगाड़ियों से यातायात व्यवस्था रहती ध्वस्त

– घंटों ट्रेन के खड़ा रहने से आवागमन होता प्रभावित

ऊंचाहार, रायबरेली

अमृत विचार। कोयला लोडकर एनटीपीसी जाने वाली मालगाड़ियों के ट्रैक पर खड़े रहने से क्षेत्र का आवागमन ठप रहता है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों को होती जब वह मालगाड़ी के खड़े होने स्कूल लेट पहुंचते हैं। आए-दिन एंबुलेंस को भी रेल गेट खुलने का इंतजार करना पड़ता है। वहीं कई शिकायतों के बाद भी रेल प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।

बताते हैं कि मालगाड़ी के दो से तीन चक्कर लगते हैं तथा मलकाना स्थित रेलवे क्रॉसिंग के बीचो-बीच खड़ी कर दी जाती है। असल में आगे लगा एनटीपीसी गेट नहीं खुला होता है जिस कारण मालगाड़ी लगभग आधा घंटा से लेकर 1 घंटे खड़ी रहती है जिससे लोगों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है । इसी रोड से लगभग एक दर्जन से अधिक गांव का आवागमन होता है जिसमें मुख्य रूप से पुरवारा, अकोदिया, नारायनपुर, आइमाजहनिया, लाल का पुरवा, सुकरुल्लापुर, निगोहा,हरिहरपुर, जैसे लगभग एक दर्जन से अधिक गांव की जनता व्यावसायिक, श्रमिक, तथा विभिन्न स्कूलों के छात्र, छात्राएं, इसी रोड से रेलवे स्टेशन तथा ऊंचाहार आते जाते हैं । राह गीरो तथा स्कूली बच्चों ने बताया अक्सर यह ट्रेन बीच में खड़ी हो जाती है जिससे हम लोगों को स्कूल में देरी के कारण गेट बंद हो जाता है और घर लौटना पड़ता है कभी-कभी टीचरों की डांट भी सुनाई पड़ती है । वही श्रमिकों का कहना था की ड्यूटी में देर से पहुंचने पर हमको एनटीपीसी गेट के अंदर नहीं जाने दिया जाता और हमको वापस घर जाना पड़ता है। जिससे हम लोगों का नुकसान होता है । कई बार तो एंबुलेंस भी घंटों फंसी रहती है। लेकिन जिम्मेदारों को इसका कोई फर्क नहीं पड़ता। कई बार लोगों ने मलकाना स्थित जंक्शन केबिन वाले से शिकायत भी किया । लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। इस मामले में मलकाना स्थित जंक्शन केबिन में ड्यूटी पर मौजूद शख्स ने बताया कि जहां तक हमको लाइन क्लियर मिलती है । वहां तक हम ट्रेन जाने देते हैं और बताया गाड़ी अभी 42 मिनट से ही खड़ी है । बाकी आप स्टेशन अधीक्षक से इस बारे में बात करें । जिसको लेकर वहां मौजूद राहगीरों ने ओवरब्रिज की मांग की है । संदीप कुमार एडवोकेट निवासी नारायनपुर, अनु मिश्रा निवासी लाल का पुरवा डीके मिश्रा निवासी सलीमपुर भैरव रामेश्वर प्रसाद बृजेश कुमार दिनेश कुमार विनोद कुमार आदि राहगीरों ने मांग की है ।