रायबरेली। जिला महिला चिकित्सालय में शुक्रवार को उत्सव की तरह 40 नवजात बेटियों को जन्मदिन मनाया गया। महिला कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कन्या जन्मोत्सव में नन्हीं किलकारियों का स्वागत उपहार, मिष्ठान और सम्मान के साथ किया गया। सीडीओ अंजुलता ने नवजात बच्चियों और उनकी माताओं को बेबी किट भेंट किया।
समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने की जरूरत : अंजुलता
जिला महिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती सीडीओ अंजुलता, मौजूद सीएमएस डॉ. निर्मला कुमारी साहू, अन्य।
उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलने की जरूरत है। कन्या जन्म को उत्सव के रूप में मनाने का उद्देश्य यही है कि बेटियां किसी बोझ की नहीं, बल्कि गौरव और भविष्य की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब बेटियों का सम्मान जन्म से ही शुरू होगा, तभी समाज में वास्तविक बदलाव संभव है। जिला प्रोबेशन अधिकारी शक्ति त्रिपाठी ने बताया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत ऐसे आयोजन लगातार किए जा रहे हैं, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश जाए और गिरते लिंगानुपात पर रोक लग सके। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बालिकाओं के अधिकारों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम की सबसे सराहनीय बात जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निर्मला साहू के नेतृत्व में की जा रही व्यवस्थाएं रहीं। अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के साथ-साथ जागरुकता कार्यक्रमों को जिस तरह लगातार प्राथमिकता दी जा रही है, उसने संस्थान की कार्यशैली को और अधिक संवेदनशील और जनहितकारी बनाया है। कार्यक्रम के दौरान मातृ वंदना योजना, कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, शादी अनुदान योजना एवं राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का समापन सीएमएस डॉ. निर्मला साहू द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक शेफाली सिंह, जेंडर स्पेशलिस्ट पूजा तिवारी, अस्पताल मैनेजर मृणालिनी उपाध्याय, डॉ. सुनीता प्रसाद, सीनियर स्टाफ नर्स शशिबाला सिंह सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
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