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कोर्ट का आदेश हाथ में, फिर भी जमीन पर दबंगई!

भूमि स्थल पर रात में पहुंचे दबंगों पर रंगदारी मांगने व धमकाने का आरोप

 

रायबरेली। जमीन का मालिकाना हक तय करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया गया, फैसला भी सामने आया, लेकिन अली नगर में जबरन दबंग बखेड़ा खड़ा करने पर उतारू हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र के अली नगर में बैनामाशुदा भूमि को लेकर आधी रात कथित धमकी का मामला सामने आया है। भूमि स्वामी यामीन शोएब ने आरोप लगाया है कि रंगदारी मांगने 12 अगस्त की रात करीब 10:53 बजे कुछ लोग उसकी भूमि पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पीड़ित यामीन शोएब का कहना है कि दबंग जिस जमीन को अवैध व अपना बता रहे है, उसके संबंध में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत से उसे आदेश भी प्राप्त है। इसके बावजूद विरोधी पक्ष जमीन को विवादित बताने के उद्देश्य से बार-बार मौके पर पहुंच रहा है। आरोप है कि इस दौरान न केवल विवाद खड़ा किया जा रहा है, बल्कि पीड़ित और उसके परिवार पर मानसिक दबाव भी बनाया जा रहा है। भूमि स्वामी के मुताबिक 12 अगस्त की रात एहतेशाम उद्दीन, सरफराज उद्दीन उर्फ जानू, सहनवाज उद्दीन और जमीर उद्दीन कथित तौर पर भूमि स्थल पर पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि वहां पर उसके व उसके परिजनों के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की गई तथा विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

भूमि को विवादित करने के उद्देश्य से 2024 में भी दबंगों द्वारा की गई थी मारपीटगाली-गलौज

पीड़ित ने मो. खालिद निवासी गल्ला मंडी और मो. अजहर निवासी अली नगर पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह दोनों चाचा-भतीजा हैं और अक्सर अन्य लोगों के साथ उसकी जमीन पर पहुंचकर फिर से उसकी भूमि को विवादित करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित ने मारपीट, गाली-गलौज और रंगदारी मांगने के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि पीड़ित यामीन शोएब का दावा है कि वर्ष 2024 से उसकी इस भूमि को हड़पने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर विवाद करने की कोशिश की जा रही है। उसका कहना है कि 3 जुलाई 2024 को भी कथित मारपीट और गाली-गलौज के बाद पुलिस ने उपरोक्त पर कार्रवाई की थी। इसके बावजूद उपरोक्त सभी लोग लगातार उसे व उसके परिजनों को विवाद करके फंसाने का षडयंत कर रहे हैं। उसका कहना है कि उसने विरोधी पक्ष से कई बार कहा कि यदि जमीन पर उनका दावा है तो अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ें, लेकिन इस तरह अचानक मौके पर पहुंचकर विवाद पैदा न करें।

पीड़ित यामीन शोएब का कहना है कि न्यायालय का आदेश दिखाए जाने के बाद भी उसे फर्जी बताकर रंगदारी मांगने का दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस व तहसील के अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दिए जाने की बात कही गई है। इस संबंध में तहसीलदार सदर आकृति श्रीवास्तव का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी।